तखतपुर (वरुण सिंह) इन दिनों तखतपुर क्षेत्र के ‘बड़े साहब’ के ग्रह-नक्षत्र कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं। वैसे तो साहब की ख्याति ऑफिस से ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह गायब रहने की रही है, लेकिन आजकल वे गायब होने के बजाय अपनी हरकतों को लेकर ज्यादा ही ‘लाइमलाइट’ में हैं। चर्चा है कि साहब कभी अपने ही विभाग के लोकल नेताओं को उनके हक का कमीशन नहीं देने के चक्कर में ‘लतियाते’ नजर आए हैं, तो कभी खुद पर ही लगे कमीशन के आरोपों से घिरे रहते हैं।

लाखों डकारे, फिर बांटा ‘प्रसाद’ :-
गलियारों में तैरती खबर तो यह भी है कि कुछ दिनों पहले आवास योजना के लाखों रुपये हड़प कर बड़े साहब सबका मुंह बंद करने के लिए ‘मॉल’ बांटते फिर रहे थे। अब जब चारों तरफ से घिर गए हैं, तो नया ढोंग रच रहे हैं। साहब मासूम बनकर कह रहे हैं— “अरे भाई, कोई मुझे यहाँ से हटवा दो!” अब भैया, इतनी मलाईदार जगह पर बैठकर बड़े साहब का ऐसा ‘इमोशनल अत्याचार’ वाला ढोंग मारना तो लाजमी है ही! भला मलाई की कढ़ाई छोड़कर कौन जाता है?
विभाग के मंत्री जी का ‘जहरीला दंश’ और साहब का योगासन :-
साहब की ये विभागीय नेतागिरी की कलाबाजियां अब ऊपर तक पहुंच चुकी हैं। खुद ‘मंत्री जी’ भी इन दिनों इस अधिकारी को लेकर फुसफुसाते नजर आ रहे हैं। अभी हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी के शिकायत से ऐसा ‘जहरीला दंश’ मारा कि बड़े साहब के तोते उड़ गए। हालत यह थी कि तीर सीधे निशाने पर लगा और साहब आस-पास के लोगों को ‘हल्ला न करने’ की मिन्नतें करते दिखे कि कहीं बात और न बिगड़ जाए।
इस तगड़े शॉट के बाद से बड़े साहब के दिमाग का ‘फ्यूज’ उड़ा हुआ है। सुना है कि इन दिनों वे अपने अशांत दिमाग को शांत करने के लिए जिम में पसीना बहा रहे हैं और योग के मुश्किल आसन आज़मा रहे हैं।
इधर ‘टेंशन’, उधर आलीशान ‘कंस्ट्रक्शन’ :-
लेकिन रुकिए, ट्विस्ट अभी बाकी है! विभाग में इस बात की जमकर चर्चा है कि साहब भले ही टेंशन में जिम कर रहे हों, लेकिन उनके ‘बड़े बंगले’ का निर्माण कार्य बुलेट ट्रेन की रफ्तार से चल रहा है। कानाफुंसी है कि आवास योजना सहित अन्य कमीशन का जो भी ‘मॉल’ आ रहा है, वो सीधे साहब के उसी आलीशान महल की दीवारों में चिनवाया जा रहा है।
अब देखना यह है कि साहब का यह योग और ‘मॉल’ का भोग उन्हें कब तक इस मलाईदार कुर्सी पर टिकाए रखता है!


