Takhatpur ki Bhadas

शादी के बाद देख लेने की दे रहा था धमकी’… बेटी बोली- नरक नहीं बनने दूंगी जिंदगी.

तखतपुर। नगर के वार्ड क्रमांक 7 गुप्तापारा से एक ऐसा सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। अमूमन शादियों में मंडप से दुल्हनों के चुपचाप विदा होने की तस्वीरें तो आपने बहुत देखी होंगी, लेकिन तखतपुर की इस साहसी बेटी ने जो किया, उसने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। सिंदूरदान की पवित्र रस्म के ठीक पहले जब दूल्हा सिंदूर लगाने बढ़ा, तो दुल्हन ने साफ इनकार करते हुए शादी के इस झूठे बंधन को लात मार दी।


धूमधाम से आई थी बारात, फिर मंडप में मचा हड़कंप।
जानकारी के अनुसार, सिमरन उर्फ माही की शादी मुंगेली जिले के करही निवासी सुभाष सिंह के साथ तय हुई थी। शनिवार की रात पूरे दलबल और डीजे की धमक के साथ बारात गुप्तापारा पहुंची। जयमाला हुई, पंडित जी ने वैदिक मंत्रोच्चार शुरू किए और शादी की बाकी रस्में भी पूरी हो गईं। लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब सिंदूरदान का वक्त आया। जैसे ही दूल्हा, दुल्हन की मांग भरने लगा, दुल्हन ने झटके से उसका हाथ हटा दिया और शादी करने से साफ मना कर दिया। दुल्हन के इस कड़े फैसले से शादी मंडप में अचानक अफरा-तफरी मच गई।

क्यों लिया दुल्हन ने यह खौफनाक फैसला?

परिजनों, रिश्तेदारों और जनप्रतिनिधियों ने रात भर लड़की को समझाने की कोशिश की, लेकिन लड़की अपने फैसले पर चट्टान की तरह अडिग रही। दुल्हन के इस कड़े कदम के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने सबके होश उड़ा दिए।

झूठ का पर्दाफाश –

लड़की को शादी के मंडप में ही ऐन वक्त पर पता चला कि लड़का जिसे ‘मेडिकल’ में काम करने वाला बताया जा रहा था, वह असल में मानसिक रूप से रोगी है ।

मंडप में ही दी धमकी:-

पाणिग्रहण संस्कार के दौरान ही दूल्हे की सनक सामने आ गई और उसने लड़की को मंडप में ही दबी जुबान में “देख लेने और जीवन बर्बाद कर देने” की सीधी धमकी दे डाली।

लड़की का बड़ा बयान आया – अगर मैं चुप रह जाती, तो पूरी जिंदगी नरक हो जाती। जब वह मंडप में ही मुझे धमकी दे रहा है, तो शादी के बाद मेरा क्या हश्र करता? अपनी जिंदगी तबाह करने से बेहतर था कि मैं वहीं पर आवाज उठाऊं।

सलामत रही बेटी की हिम्मत, बैरंग लौटी बारात –

पूरी रात समझौते और मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा, लेकिन जब दुल्हन ने साफ कह दिया कि वह किसी सनकी और धमकी देने वाले इंसान के साथ सात फेरे नहीं लेगी, तो सुबह होते-होते लड़के के पिता भागवत ठाकुर को अपनी बारात लेकर बिना दुल्हन के ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। इसको लेकर नगर सहित क्षेत्र में जमकर चर्चा का विषय है

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