Takhatpur ki Bhadas

तखतपुर में रेल्वे की जमीन पर गुंडागर्दी:- महाराणा प्रताप चौक पर काबिज डरे-सहमे व्यापारी

तखतपुर। नगर के महाराणा प्रताप चौक के पास रेलवे स्वामित्व की भूमि पर भू-माफियाओं और आदतन अपराधियों का एक बड़ा खेल सामने आया है। सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों को न सिर्फ लाखों रुपये में अवैध रूप से बेचा जा रहा है, बल्कि बरसों से काबिज छोटे दुकानदारों को डरा-धमकाकर जबरन बेदखल करने का खौफनाक प्रयास जारी है। इस मामले में पीड़ित दुकानदार ने अब पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।


क्या है पूरा मामला –

वार्ड क्रमांक 1 निवासी ज्ञानेंद्र देवांगन (पिता शंभू प्रसाद देवांगन, उम्र 43 वर्ष) पिछले 19 सालों से (वर्ष 2007 से) महाराणा प्रताप चौक के पास ‘राशि फोटोकॉपी’ के नाम से अपनी दुकान संचालित कर रहे हैं। यह दुकान स्वर्गीय फिदा हुसैन द्वारा रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई 5 दुकानों में से एक है।
पीड़ित के अनुसार, स्वर्गीय फिदा हुसैन के पुत्र मुश्ताक हुसैन ने रेलवे की इस जमीन को अवैध रूप से सुजल मिरी (पिता लक्ष्मी प्रसाद मिरी) को बेच दिया। अब ये लोग यहां के पुराने किराएदार दुकानदारों को मनमाने दामों पर दुकान खरीदने के लिए विवश कर रहे हैं।

लाखों की अवैध वसूली: –

जो दुकानदार डरकर उनकी तय कीमत पर राजी हो रहे हैं, उनसे मोटी रकम लेकर ₹100 के स्टाम्प पेपर पर अवैध ‘बिक्री नामा’ थमा दिया जा रहा है।

मजबूरी का फायदा:-

रोजी-रोटी छिनने के डर से एक दुकानदार ने सुजल मिरी से करीब 39 लाख रुपये में अपनी ही काबिज दुकान को खरीदने पर मजबूर होना पड़ा। जबरन बेदखली जिसने उनकी मुंहमांगी कीमत देने से इनकार किया, जैसे कि आजू बाजू के दुकानदारों को डरा-धमकाकर जबरन दुकान से बाहर निकाल दिया गया।

निगरानी बदमाश और जनप्रतिनिधियों के गठजोड़ से खौफ का माहौल –

ज्ञानेंद्र देवांगन ने आरोप लगाया है कि नगर का आदतन व निगरानी बदमाश तब्बू मिरी अपने गुर्गों और नगर के कुछ रसूखदार जनप्रतिनिधियों के शह पर लगातार धमकियां दे रहा है। “तब्बू मिरी ने दुकान पर आकर और मोबाइल फोन पर रात में कॉल करके दुकान खाली करने की धमकी दी है। वह अपराधी प्रवृत्ति का है। मुझे डर है कि वह अपने गुर्गों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कभी भी बलपूर्वक दुकान पर कब्जा कर सकता है। विरोध करने पर मेरे साथ कोई भी बड़ी अनहोनी या जानलेवा घटना घटित हो सकती है।”

ज्ञानेंद्र देवांगन पीड़ित –

दुकानदार ने इस खौफ के कारण पीड़ित ने तखतपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।

कानूनी रूप से पूरी तरह अवैध है यह ‘बिक्री’ –

मुश्ताक हुसैन द्वारा सुजल मिरी के पक्ष में ₹100 के स्टाम्प पेपर पर किया गया एग्रीमेंट पूरी तरह से गैरकानूनी और शून्य है। नियमानुसार रेलवे की जमीन का एकमात्र मालिक रेलवे विभाग है। किसी भी निजी व्यक्ति को रेलवे की संपत्ति की खरीदी-बिक्री या एग्रीमेंट करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इस तरह का फर्जी एग्रीमेंट करने वाले और करवाने वाले, दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का आपराधिक मामला बनता है।

इसमें नूपुर उपाध्याय (SDOP, कोटा) ने कहा कि “किसी भी व्यक्ति द्वारा जबरन किसी की दुकान खाली नहीं कराई जा सकती। अगर इस तरह से किसी को डराकर दुकान खाली कराई जा रही है, तो शिकायत के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

वही शशांक शेखर शुक्ला (तहसीलदार, तखतपुर) ने “इस संबंध में फिलहाल मुझे विस्तृत जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला हमारे सामने आता है या लिखित शिकायत मिलती है, तो नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अन्याय के खिलाफ उठती आवाज –
पीड़ित ज्ञानेंद्र देवांगन ने साफ किया है कि यदि स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा इस आदतन अपराधी और भू-माफियाओं पर त्वरित व उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे न्याय के लिए मामले को उच्च अधिकारियों और न्यायालय तक ले जाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस खुलेआम चल रहे अवैध धंधे और गुंडागर्दी पर कब तक लगाम लगाता है।

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