तखतपुर/सकरी ग्राम हॉफा में जमीन के राजस्व रिकॉर्ड से बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ‘अहस्तांतरणीय’ की पाबंदी हटाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर ने तत्कालीन पटवारी लक्ष्मीनारायण कुर्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामला ग्राम हॉफा, तहसील सकरी की खसरा नंबर 239/1, रकबा 0.3080 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा बिलासपुर के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

रिकॉर्ड से हटाई ‘अहस्तांतरणीय’ पाबंदी –
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि तत्कालीन पटवारी लक्ष्मीनारायण कुर्रे द्वारा खसरा बी-1 के कैफियत कॉलम में दर्ज ‘अहस्तांतरणीय’ शब्द को बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के विलोपित कर दिया गया। इसके बाद भूमि रिकॉर्ड में उक्त जमीन सामान्य रूप से हस्तांतरणीय दिखाई देने लगी।
आरोप है कि इसी संशोधन के बाद तत्कालीन भूमिस्वामियों रजनीश कुमार तिवारी एवं सुनीलदास द्वारा उक्त भूमि को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के Aayan Developers (एसआर साहू, पिता स्व. एमआर साहू) को अंतरित कर दिया गया।
नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
प्रशासन ने पटवारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत पाया है। वहीं निलंबन की कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है।
निलंबन अवधि में लक्ष्मीनारायण कुर्रे का मुख्यालय तहसील कार्यालय सकरी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
जमीन हस्तांतरण भी जांच के दायरे में
अहस्तांतरणीय दर्ज भूमि से पाबंदी हटाए जाने के बाद हुए हस्तांतरण ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। प्रशासनिक दस्तावेजों में इसे सक्षम अनुमति के बिना किया गया रिकॉर्ड संशोधन बताया गया है।
अब इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि रिकॉर्ड में बदलाव के बाद जमीन का हस्तांतरण किस प्रक्रिया के तहत हुआ और संबंधित स्तरों पर इसकी जांच किस प्रकार की जाएगी। 13 अगस्त को जारी निलंबन आदेश के बाद राजस्व महकमे में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

